‘जो चींटी मारने से डरती थी, वो ससुर की हत्या कैसे कर सकती है?’ करोड़पति कारोबारी हत्याकांड में शालू के भाई ने उठाए बड़े सवाल

कानपुर: करोड़पति दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड के पांचवें दिन आरोपी बहू शालू का मायका पक्ष सामने आया है। लखनऊ से कानपुर पहुंचे शालू के बड़े भाई धीरज अरोड़ा और बहन सोनिया मेहरोत्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उसे निर्दोष बताया और पुलिस की जांच पर सवाल उठाए। परिवार का कहना है कि शालू अपने ससुर की बीमारी, खान-पान और रोजमर्रा की जरूरतों का पूरा ध्यान रखती थी। ऐसे में वह उनकी हत्या की साजिश कैसे रच सकती है, यह परिवार की समझ से बाहर है।

धीरज अरोड़ा ने कहा कि उनकी बहन परिवार को जोड़कर रखने वाली महिला थी और छोटी-छोटी चीजों के लिए भी दूसरों की मदद लेती थी। उन्होंने सवाल उठाया कि जो लड़की चींटी तक मारने से डरती थी, वह अपने ससुर की हत्या की योजना कैसे बना सकती है।

तीन दिन से जेल में शालू, पति अब तक मिलने नहीं पहुंचा

धीरज ने शालू के पति सुब्रत की चुप्पी को लेकर भी सवाल उठाए। उनके मुताबिक, हत्याकांड के बाद से सुब्रत से परिवार की बातचीत नहीं हो पा रही है। कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन बात नहीं हो सकी।

धीरज ने बताया कि शालू को जेल गए तीन दिन हो चुके हैं, लेकिन सुब्रत अभी तक उससे मिलने नहीं गया। परिवार के लोगों ने जेल में दो बार शालू से मुलाकात की है। धीरज के मुताबिक, शालू अब भी उम्मीद कर रही है कि उसका पति उससे मिलने आएगा। वह अपने छह साल के बेटे श्रीजय को याद करके रोती है और बार-बार बेटे और पति के बारे में पूछती है।

धीरज ने यह भी कहा कि संभव है कि सुब्रत खुद किसी मानसिक दबाव या सदमे से गुजर रहा हो, लेकिन उसकी चुप्पी परिवार के सामने कई सवाल खड़े कर रही है।

ससुर के साथ अच्छे रिश्ते थे, घर की जिम्मेदारी संभालती थी शालू

शालू के भाई ने दावा किया कि उसके और विनीत मिनोचा के बीच रिश्ते अच्छे थे। परिवार के मुताबिक, 63 वर्षीय विनीत शुगर के मरीज थे और खान-पान को लेकर काफी सावधान रहते थे। शालू उनके खाने-पीने का विशेष ध्यान रखती थी।

धीरज ने कहा कि शालू एक अच्छी बहू, पत्नी और मां की भूमिका निभा रही थी और परिवार के सदस्यों की जरूरतों का ध्यान रखती थी। ऐसे में जिस व्यक्ति के साथ रोजमर्रा की जिंदगी में इतने अच्छे संबंध हों, उसके खिलाफ हत्या की साजिश रचने का आरोप परिवार को समझ नहीं आ रहा है। हालांकि पुलिस की जांच में शालू की भूमिका को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं।

2020 में नैनीताल में हुई थी शालू और सुब्रत की शादी

धीरज अरोड़ा ने बताया कि शालू परिवार में सबसे छोटी बहन है। उसने लखनऊ से बीकॉम और बीएड की पढ़ाई की है। 23 नवंबर 2020 को नैनीताल में उसकी शादी सुब्रत मिनोचा से हुई थी।

परिवार के मुताबिक, सुब्रत की दादी लंबे समय से बीमार हैं और कुछ दिन पहले वह कानपुर आई थीं। उनके साथ स्टाफ नर्स भी मौजूद थी। धीरज ने बताया कि बच्चे को स्कूल से लाने के दौरान कई बार घर में कोई मौजूद नहीं रहता था। इसी वजह से विनीत मिनोचा ने घर की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे। शालू ने अपने मायके वालों को भी कैमरे लगाए जाने की जानकारी दी थी।

घर खर्च को लेकर लगाए गए आरोपों को बहन ने बताया गलत

शालू की बहन सोनिया मेहरोत्रा ने उन दावों को खारिज किया, जिनमें कहा जा रहा था कि उसे घर के खर्च के लिए पर्याप्त पैसे नहीं मिलते थे। सोनिया के मुताबिक, शालू को नियमित तौर पर घर खर्च दिया जाता था और पैसे खत्म होने पर जरूरत के अनुसार अतिरिक्त रकम भी मिलती थी।

उन्होंने कहा कि शालू पर किसी तरह की आर्थिक पाबंदी नहीं थी। परिवार के अनुसार, यह जानकारी उन्हें खुद शालू ने दी थी।

‘मैंने ससुर की हत्या नहीं कराई’, जेल में शालू का दावा

धीरज के मुताबिक, जेल में मुलाकात के दौरान शालू लगातार यही कह रही है कि उसने अपने ससुर की हत्या नहीं कराई। परिवार का दावा है कि शालू खुद को निर्दोष बता रही है और अपने बयान पर कायम है।

धीरज ने कहा कि उनकी बहन छोटी-छोटी चीजों के लिए भी परिवार के लोगों की मदद लेती थी। उन्होंने बताया कि शालू अपना रिज्यूम तक खुद तैयार नहीं कर पाती थी और इसके लिए उनसे मदद मांगती थी। ऐसे में उनके लिए यह मानना मुश्किल है कि वह इतनी बड़ी हत्या की योजना बना सकती है।

जब परिवार से पूछा गया कि पुलिस के मुताबिक कथित सुपारी किलर विशाल ने शालू का नाम क्यों लिया, तो धीरज ने कहा कि यही सबसे बड़ा सवाल है और इसका जवाब पुलिस की जांच से ही सामने आएगा।

विशाल का नंबर सुब्रत ने दिया था, परिवार ने संपर्क की दी सफाई

धीरज ने दावा किया कि विशाल का मोबाइल नंबर शालू को उसके पति सुब्रत ने दिया था। सुब्रत ने कथित तौर पर उससे कहा था कि घर में कोई छोटा-मोटा काम हो तो विशाल से संपर्क किया जा सकता है।

परिवार के मुताबिक, शालू विशाल को घरेलू कामकाज के सिलसिले में ही फोन करती थी। विशाल पहले भी घर में काम कर चुका था, लेकिन परिवार को उसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी।

दूसरी ओर, पुलिस की जांच में शालू और विशाल के बीच लगातार संपर्क की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार, हत्या से पहले दोनों के बीच कई बार बातचीत हुई थी और वारदात के दौरान भी संपर्क हुआ था। अब यही संपर्क पुलिस की जांच का अहम हिस्सा बना हुआ है।

वकील बोले- हाई सोसाइटी पार्टी नहीं, सामान्य कपल किटी थी

शालू के अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने भी परिवार का पक्ष रखते हुए घटना वाले दिन हुई पार्टी को लेकर सफाई दी। उन्होंने कहा कि यह किसी हाई सोसाइटी की पार्टी नहीं थी, बल्कि सामान्य कपल किटी पार्टी थी।

वकील के मुताबिक, इस तरह की किटी पार्टी में फार्मा क्षेत्र से जुड़े लोग शामिल होते हैं और बिरहाना रोड की दवा मार्केट के कारोबारी हर महीने ऐसी पार्टी आयोजित करते हैं। घटना वाली रात तिलक नगर स्थित कॉस्मोजिन लाउंज में पार्टी हुई थी और इसे सुब्रत ने आयोजित किया था। पार्टी के खर्च का भुगतान किसने किया और किन परिस्थितियों में हुआ, इसे भी जांच का विषय बताया गया है।

49 डिलीट मैसेज ने बढ़ाया पुलिस का शक

हत्याकांड की जांच में मोबाइल चैट और कॉल डिटेल अहम भूमिका निभा रहे हैं। जांच में 49 डिलीट मैसेज सामने आने की बात कही जा रही है। बताया गया है कि एक मई से वारदात वाले दिन तक मोबाइल से ये संदेश हटाए गए थे।

पुलिस अब इन डिलीट मैसेज का डेटा हासिल करने की कोशिश कर रही है। जांच की जा रही है कि इन संदेशों में किस तरह की बातचीत हुई थी और उन्हें क्यों हटाया गया। पुलिस के मुताबिक, शालू और कथित सुपारी किलर विशाल के बीच भी बड़ी संख्या में फोन कॉल हुई थीं।

सुब्रत और विशाल की बातचीत भी जांच के घेरे में

पुलिस के अनुसार, सुब्रत और विशाल के बीच भी लगातार संपर्क था। हत्या से पहले दोनों के बीच कई बार वॉट्सऐप कॉल होने की बात सामने आई है। वहीं शालू और विशाल के बीच भी लगातार बातचीत हुई।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि करीब चार साल पहले चोरी के आरोप में नौकरी से निकाले जाने के बावजूद विशाल परिवार के संपर्क में क्यों था। हत्या से पहले शालू, सुब्रत और विशाल के एक साथ खरीदारी करने की बात भी जांच का हिस्सा है।

26 चाकू के वार से हुई थी विनीत मिनोचा की हत्या

विनीत मिनोचा बिरहाना रोड स्थित ‘फार्मा ट्रेडर्स’ नाम की फर्म चलाते थे। पुलिस के अनुसार, उनका सालाना कारोबार करीब 40 से 50 करोड़ रुपये का था। वह कल्याणपुर के रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट के सी-104 फ्लैट में रहते थे।

शनिवार रात विनीत घर में अकेले थे। रविवार तड़के करीब तीन बजे उनका बेटा सुब्रत, बहू शालू और छह साल का बच्चा घर लौटे तो बेडरूम में विनीत की खून से लथपथ लाश मिली। कमरे में संघर्ष के निशान भी मिले थे। पोस्टमार्टम में उनके शरीर पर चाकू के करीब 26 वार किए जाने की बात सामने आई थी।

पुलिस के सामने कई सवाल, डिजिटल साक्ष्यों पर टिकी जांच

इस मामले में पुलिस अब कॉल डिटेल, मोबाइल चैट, डिलीट मैसेज, सीसीटीवी फुटेज और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है। शालू का परिवार उसे पूरी तरह निर्दोष बता रहा है, जबकि पुलिस की जांच में उसकी भूमिका को लेकर गंभीर सवाल सामने आए हैं।

अब जांच एजेंसियों के सामने यह पता लगाना अहम है कि शालू और विशाल के बीच हुई बातचीत का वास्तविक मकसद क्या था, डिलीट किए गए 49 संदेशों में क्या जानकारी थी और हत्या से पहले तथा वारदात के दौरान आरोपियों के बीच किस तरह का संपर्क हुआ। इन सवालों के जवाब जांच में सामने आने वाले डिजिटल और अन्य साक्ष्यों से मिलने की उम्मीद है।

 

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